हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ / Hindi kahaniya

hindi kahaniya,हिंदी कहानियाँ, best hindi kahani,hindi story,kahaniya story,hindi moral story,besthindi katha,raja ki kahaniya,kids kahaniya,kids story

बहुत पुरानी बात है एक गाँव में दो लड़के रहते थे | एक का नाम ज्ञानवान और दूसरे का नाम बुद्धिमान था लेकिन दोनों पढने-लिखने में बहुत कमजोर थे | दोनों के माता-पिता उनको लेकर बहुत परेशान थे , उन्होंने ज्ञानवान और बुद्धिमान को अच्छी शिक्षा देने के लिए वनारस भेज दिया | ज्ञानवान और बुद्धिमान ने वनारस में कुछ वर्ष रहकर अध्ययन किया अब दोनों ही अच्छी शिक्षा ग्रहण कर विद्वान हो चुके थे |

हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya
हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya

विद्वान होने के सांथ ही उनमें इस बात का घमण्ड भी आ गया था कि वे बहुत विद्वान हैं | हर जगह दोनों ही अपने को अधिक श्रेष्ठ और दूसरे को नीचा दिखलाने कर प्रयत्न करते थे | दोनों को कई वार उनके शिक्षकों ने इस वारे में समझाया किन्तु दोनों अपने को ही श्रेष्ठ समझते थे | शिक्षा खत्म होने के बाद दोनों को वनारस से अपने गाँव वापस लौटना था | रास्ता बहुत लंबा था चलते-चलते उन्हें रात हो गई और उन्होंने एक गाँव में अपना डेरा डाला | गाँव के जमींदार को पता चला कि उनके गाँव में वनारस के विद्वान आये हुए हैं |

  • राजा दशरथ और श्रवण कुमार की कहानी/ Shravan kumar ki katha 2
  • गरीब भाई और अमीर भाई/ hindi kahaniya 01
  • apni bike se paise kaise kamaye – top 5 method
  • 40 lines on raksha bandhan in marathi / रक्षाबंधन शायरी
  • 1 click me photo se kapda hatane wala apps / किसी भी फोटो पर से कपड़े कैसे हटाए?

जमीदार साहब ने दोनों विद्वानों को रात्री विश्राम और भोजन के लिए अपने घर आमंत्रित किया | ज्ञानवान और बुद्धिमान दोनों जमीदार के घर आ गए | जमींदार ने दोनों के रुकने की अलग-अलग व्यवस्था की और स्वादिस्ट पकवान बनवाये | जमींदार पहले ज्ञानवान के पास गया और हालचाल जाना |

हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ / Hindi kahaniya

जमींदार पहले तो ज्ञानवान से बहुत प्रभावित हुआ किन्तु अपने घमण्ड और बुद्धिमान को नीचा दिखाने के लिए ज्ञानवान जमींदार से बोला- ” बुद्धिमान तो नाम का बुद्धिमान है इतने दिन वनारस में रहकर भी वह कुछ नही सीखा और अभी भी गधा ही है |” ज्ञानवान की बाते जमींदार को अच्छी नहीं लगी | ज्ञानवान से मिलने के बाद वह बुद्धिमान से मिलने गया |बुद्धिमान में भी ज्ञानवान की तरह ही बातें की और

कहा- ” ज्ञानवान को कोई ज्ञान नहीं है और वह तो बैल है जिसे कुछ नहीं आता |” जमींदार दोनों से बहुत निराश हुआ और कुछ देर पश्चात उसने ज्ञानवान और बुद्धिमान को भोजन के लिया बुलाया | दोनों भोजन के लिए आये और जब दोनों को थालियाँ परोसी गईं तो थाली में घास और भूंसा था | थालियाँ देखकर दोनों जमींदार पर बहुत क्रोधित होते हुए बोले – ” आपने यहाँ हमें बेज्जत करने के लिए बुलाया है | क्या हम कोई जानवर है जो आप-हमें भूसा और घास खिला रहे हैं ? जमींदार हाथ जोड़कर बोला- ” मान्यवर ! आप विद्वान है और मेरे मेहमान है |

मेरा उद्देश्य आपके बेज्जती करना नहीं है आप दोनों ही विद्वान होकर एक दूसरे को बैल और गधा बोल रहे थे इसीलिए बैल और गधे का जो भोजन पसंद है मैंने आपको भी वाही भोजन परोस दिया |” जमींदार की बात सुनकर ज्ञानवान और बुद्धिमान को अपनी गलती का एहसास हुआ और दोनों ने एक दूसरे से क्षमा मांगी और जमींदार को धन्यवाद दिया |

जमींदार ने भी दोनों को स्वादिस्ट पकवान खिलाये और दोनों की खूब आव-भगत किया | शिक्षा- कोई कितना ही बड़ा विद्वान क्यूँ ना हो अगर दूसरे को नीचा दिखलानेका प्रयत्न करता है तो उसे भी नीचा देखना पड़ता है |

हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ / Hindi kahaniya

आर्टिकल राइटिंग से पैसे कैसे कमाए ? 12 Ways

हाथी और दर्जी की कहानी

एक समय की बात है एक कस्बे में एक दर्जी रहता था। दर्जी बहुत ही दयालु और अच्छे स्वभाव का इंसान था। आसपास के सभी लोग उसी से अपने कपड़े सिलवाते थे। एक दिन कहीं से एक हाथी आया और दर्जी के पास आकर खड़ा हो गया। हाथी को अपने पास खड़ा देखकर दर्जी ने खाने के लिए कुछ फल हाथी को दे दिए । फल खाकर हाथी बहुत खुश हुआ और वहां से चला गया। दूसरे दिन हाथी फिर दरजी के पास आकर खड़ा हो गया ।

दरजी समझ गया की हाथी को फल खाना है । दरजी ने फिर कुछ फल हाथी को दे दिए । हाथी इस बार भी फल खाकर वापस चला गया ।अब हाथी प्रतिदिन दर्जी के पास आता और उसकी दुकान के सामने खड़ा हो जाता। दर्जी उसे कुछ फल दे देता जिन्हें खाकर वह वापस चला जाता था । यह सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा ।

हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya
हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya

एक दिन दर्जी को कुछ जरूरी काम आ गया जिससे उसे बाहर जाना पड़ा । बाहर जाने के पहले दर्जी दुकान पर अपने लड़के को बैठा गया और उसे कुछ फल दे दिए और जाते-जाते बोल गया कि जब भी हाथी आए तो उसे यह फल खिला देना।लड़के ने अपने पिता की बात में हामी भर दी । दर्जी का लड़का बहुत शरारती था उसे एक शरारत सूझी ।

हाथी और दर्जी की कहानी

उसने फल पहले ही खा लिए और जब हाथी दुकान पर आया और फल खाने के लिए जैसे ही सूंड आगे बढ़ाई दरजी के लड़के ने उसकी सूंड में सुई चुभो दी। सुई लगने से हाथी की सूंड में तेज दर्द हो रहा था। दर्द से राहत पाने के लिए हाथी नदी की तरह भागा। नदी पहुंचते ही हाथी ने नदी में अपनी सूँड़ डाल दी, जिससे उसे काफी राहत मिली। हाथी गुस्से से आग-बबूला हो रहा था

और किसी भी तरह दर्जी के लड़के से बदला लेना चाहता था। हाथी ने नदी में स्नान किया और अपनी सूंड मे कीचड़ भरकर वापस दर्जी की दुकान की ओर चल पड़ा। हाथी दोबारा दर्जी की दुकानपर पहुंचा। दरजी लड़का दुकान पर ही बैठा हुआ था। हाथी ने फिर अपनी सूंड आगे की बढाई , दरजी का लड़का समझा की हाथी फल मांग रहा है , उसने सुई उठाकर जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया हाथी ने अपनी सूँड़ में भरी हुई सारी कीचड़ दर्जी के लड़के के ऊपर डाल जी जिससे दर्जी का लड़का पूरा कीचड़ में खब गया साथ ही दुकान में रखे हुए कपड़े भी खराब हो गए।

जब दर्जी लौटकर दुकान आया तो अपनी दुकान की हालत देखकर लड़के से सारा माजरा पूछा लड़का बोला – ” ये कीचड़ आपका हाथी सूंड में भरकर लाया था और मेरे ऊपर डालकर सारी दुकान को खराब कर गया। ” दर्जी को लड़के की बात पर विश्वास नहीं हुआ उसने जब लड़के से सख्ती से पूछ्ताछ की तो लड़के ने सारी बात बतला दी। दर्जी अपने लड़के को लेकर उस स्थान पर गया जहाँ हाथी रहता था।

हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya
हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya

दर्जी ने प्यार से हाथी को सहलाया और उससे कुछ फल खाने के लिए दिए । दर्जी ने अपने लड़के को बुलाया और उसके हाथों भी से कुछ फल हाथी को दिलवाए । फल खाकर हाथी का गुस्सा शांत हुआ और उसने दरजी के लड़के को क्षमा कर दिया फल खाकर हाथी का गुस्सा शांत हुआ ।

  • Youtube वरून पैसे कसे कमवायचे 6 सोप्पे मार्ग , how to earn money from youtube in marathi
  • Subscriber badhane wala app, 1 दिन में 1000 सब्सक्राइबर्स हिंदी में
  • प्रतिनिधि कहानियां: Pratinidhi Kahaniya 
  • Mahila loan 2023 हिंदी में
  • BYAJ PAR PAISE CHAHIYE,1 min me express loan

दर्जी के लड़के और हाथी की भी दोस्ती हो गई। अब हाथी दर्जी के लड़के को अपने पीठ पर बैठाकर घूमाने के लिए ले जाने लगा । शिक्षा- ” दर्जी और हाथी की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कभी भी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए। “

हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya
हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ Hindi kahaniya

hindi kahaniya,हिंदी कहानियाँ, best hindi kahani,hindi story,kahaniya story,hindi moral story,besthindi katha,raja ki kahaniya,kids kahaniya,kids story

2 thoughts on “हिंदी की 10 श्रेष्ठ कहानियाँ / Hindi kahaniya”

Leave a Comment